मध्य प्रदेश में ग्रामीण निकायों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से प्रदेश की ग्राम पंचायतों में संपत्ति कर व्यवस्था लागू करने की व्यापक योजना तैयार की गई है।
दिसंबर 2026 तक 23 हजार पंचायतों में संपत्तियों का होगा सर्वेक्षण
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के दिशा-निर्देशों पर प्रदेश की 23 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में सचिव और ग्राम रोजगार सहायकों द्वारा आवासीय व व्यावसायिक संपत्तियों की डिजिटल मैपिंग का कार्य तीव्र गति से किया जा रहा है। सर्वेक्षण कार्य दिसंबर 2026 तक पूर्ण कर जनवरी 2027 से नवीन कर व्यवस्था प्रभावी करने का प्रस्ताव है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित पक्के मकानों पर 500 से 1000 रुपये तक वार्षिक संपत्ति कर निर्धारित किया जा सकता है। सामाजिक संतुलन बनाए रखने हेतु कच्चे व कवेलू वाले मकानों को पूर्णतः करमुक्त रखा जाएगा और जनजातीय बहुल विकासखंडों में विशेष छूट के प्रावधान लागू रहेंगे।
जल प्रबंधन और स्थानीय विकास हेतु पंचायतों को मिले विशेष अधिकार
ग्रामीण स्तर पर नल-जल योजनाओं के सतत संचालन हेतु गठित ‘पानी समिति’ में 50 प्रतिशत महिला सदस्यों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है। इन समितियों को जलकर के निर्धारण, वसूली तथा जरूरतमंद व अंत्योदय परिवारों को प्रभार में छूट देने के अधिकार प्रदान किए गए हैं।
जिला पंचायत स्तर पर गठित स्वच्छता एवं जलापूर्ति (वॉश) समितियां ग्रामों में बुनियादी ढांचे के रख-रखाव, प्रकाश व्यवस्था तथा स्वच्छता शुल्क के पारदर्शी क्रियान्वयन की नियमित मॉनिटरिंग करेंगी।


