खरगोन जिले के सनावद में रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर पार्श्व ज्योति मंच द्वारा श्रमण संस्कृति रक्षण दिवस का विशेष आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
वात्सल्य और कर्तव्यनिष्ठा का दिया संदेश
कार्यक्रम में वक्ताओं ने रक्षाबंधन (वात्सल्य पूर्णिमा) के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। बताया गया कि पूज्य मुनि श्री सुधासागर महाराज की प्रेरणा से इस दिन को श्रमण संस्कृति रक्षण दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो समाज में आपसी वात्सल्य और धर्म के प्रति कर्तव्यनिष्ठा का संचार करता है।
धार्मिक मूल्यों के संवर्धन का संकल्प
समारोह के दौरान बसंत पंचोलिया, कमलेश भूच, विजय जैन, शुभम जैन, आशीष जैन और धीरेंद्र बाकलीवाल सहित उपस्थित सभी सदस्यों ने सच्चे देव, शास्त्र और गुरु के प्रति निष्ठावान रहते हुए जैन जीवन मूल्यों और संस्कृति के प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया।


