भोपाल: मप्र पीडब्ल्यूडी निर्माण कार्यों में गड़बड़ी पर नपेंगे अफसर, टेंडर नियमों में बड़ा बदलाव

जय घोष ब्यूरो
31 अगस्त 2026 को 12:00 am बजे
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भोपाल: मप्र पीडब्ल्यूडी निर्माण कार्यों में गड़बड़ी पर नपेंगे अफसर, टेंडर नियमों में बड़ा बदलाव

मध्य प्रदेश में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के तहत बुनियादी ढांचे के निर्माण में होने वाली वित्तीय और तकनीकी अनियमितताओं पर लगाम कसने के लिए शासन ने कड़ा रुख अपनाया है।

अफसरों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय

अब तक निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की कमी या गड़बड़ी सामने आने पर केवल ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर औपचारिकता पूरी कर ली जाती थी। नए प्रशासनिक आदेश के तहत टेंडर पास करने वाले इंजीनियरों और मूल्यांकन समिति के अधिकारियों पर भी सीधी दंडात्मक कार्रवाई होगी।

“टेंडर समीक्षा के किसी भी स्तर पर यदि पक्षपात या तथ्यों की अनदेखी पाई गई, तो संबंधित समीक्षा समिति के अफसरों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।” — पीडब्ल्यूडी दिशा-निर्देश

दोहरे स्तर पर होगी तकनीकी और वित्तीय जांच

विभाग ने राज्य सड़क विकास निगम और भवन विकास निगम के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य स्तरीय निविदा निराकरण समिति के समक्ष जाने वाली फाइलों की पहले विभागाध्यक्ष स्तर पर सूक्ष्म जांच की जाएगी। इससे टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और सांठगांठ पर पूरी तरह रोक लगेगी।

पीडब्ल्यूडी निर्माण कार्य समीक्षा
मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी किए गए नए दिशा-निर्देश
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