मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को महत्वपूर्ण सुनवाई होनी है।
कैबिनेट ने अभियोजन मंजूरी से किया इनकार
विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी विस्तृत जांच के बाद मंत्री विजय शाह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत मुकदमा चलाने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी थी। हालांकि, 25 अगस्त को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में अभियोजन की अनुमति न देने का प्रस्ताव पारित कर अंतिम निर्णय के लिए राज्यपाल मंगू भाई पटेल के पास भेजा गया। मंत्रियों का तर्क है कि विजय शाह कई बार सार्वजनिक रूप से क्षमा मांग चुके हैं।
सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद हलफनामा पेश करेगी सरकार
इससे पूर्व की सुनवाइयों में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के ढुलमुल रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए अंतिम रूप से चार सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया था। न्यायालय ने मौखिक माफी को महज कानूनी प्रक्रिया से बचने का प्रयास बताया था। अब राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कैबिनेट के निर्णय और उसके वैधानिक आधार का विवरण प्रस्तुत करना होगा।
