मुरैना के सबलगढ़ स्थित गणेश मरैया वाचनालय में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की जिला समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के नाम पर शिक्षकों के दमन की नीति का कड़ा विरोध किया गया।
शिक्षकों के अधिकारों पर कुठाराघात का आरोप
बैठक को संबोधित करते हुए माकपा के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा कि दशकों से सीमित संसाधनों में छात्रों को पढ़ा रहे अनुभवी शिक्षकों को टीईटी की आड़ में हटाने और उनके देयकों में कटौती करने की योजना अत्यंत अनुचित है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई सरकारी स्कूलों में आज भी भवन, बिजली, पेयजल और फर्नीचर का घोर अभाव है, जिसे सुधारने के बजाय सरकार पुराने स्कूलों को बंद करने की दिशा में बढ़ रही है।
शिक्षा के निजीकरण के खिलाफ प्रस्ताव पारित
माकपा नेताओं ने सीएम राइज और पीएम राइज स्कूलों की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए शिक्षा के बाजारीकरण और निजीकरण को रोकने की मांग की। बैठक में आगामी जनआंदोलनों को लेकर जिला सचिव मुरारीलाल द्वारा रखे गए प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित किया गया। बैठक की अध्यक्षता राजवीर सिंह धाकड़ ने की।
